17 October 2008

हिन्दुस्तानी म्क्दोनाल्ड्स का खाना ख़राब है

photo of mcdonalds indian menuमैं यह बात घमंड में नही कह रहा की में अमीर हूँ। सच तो यह है कि बचपन से ही में हल्का खाना खता हूँ। मेरे नानाजी आयुर्वेद के वैद्य थे और परिवार में कई लोग डॉक्टर हैं। इसलिए मुझे तले हुए भोजन या मिठाई ज्यादा पसंद नहीं। इसी वजह से में घर से बाहर कम खता हूँ और अगर रेस्तौरांत में जाऊँ भी तो हलकी चीज़ें खाता हूँ। इसलिए मेरे पसंद का भोजन है: जापानी या विएतनामी।

और हाँ फास्ट फ़ूड तो समझो बिल्कुल ही नहीं खाता। जब दुनिया में कुछ भी खाने को नहीं होता, जैसे कि कार में लम्बी यात्रा करो जब सिर्फ़ रेस्ट एरिया में ही खाना खा सकते हैं, तभी म्क्दोनाल्ड्स में जाते हैं। एइसा क्यों? एक म्क्दोनाल्ड्स के खाने में उतनी कैलोरी होती जितनी हमें पूरे दिन में खानी चाहिए। इसीलिए अमेरिका ज्यादातर लोग इतने मोटे हैं कि देश में एक स्वास्थ्य का संकट आया हुआ। कितने ही लोगो को दिल कि बीमारी है। चिंता मत करो मुझे कोई बीमारी नहीं।

इसलिए इस बार वसंत में जब भारत गया तो बड़ा आश्चर्य हुआ। जीसी से मिलो वो कहे कि अरे म्क्दोनाल्ड्स में मिलो या माल में खाने चलो। में तो उन लोगो में से हूँ जो म्क्दोनाल्ड्स या मॉल में सिर्फ़ साल ३-४ बार खाते हैं। अब मन भी करो तो चक्कर, अगर ये कहो कि ये खाना अच्छा नहीं है क्योंकि इतनी कैलोरी हैं तो भी चक्कर और अगर ये कहो कि फास्ट फ़ूड गरीब लोगों के लिए है और ठीक ठाक लोग रेस्तौरांत में खाते है तो बे चक्कर क्योंकि सब कहेंगे कि घमंड हो गया अमेरिका जाके। और क्योंकि म्क्दोनाल्ड्स अमेरिका कि कंपनी है तो सब सोचते कि यह ही खाना हम खाते है और येही हमें पसंद है।

सच पूछो तो मुझे घर का खाना सब से ज्यादा पसंद है। हम तो हर चीज़ अपने आप बनातें हैं जैसे मेरी नानी गांव में बनातीं थीं। और आजकल तो हम ओर्गानिक सब्जियां और गोश्त खरीदतें हैं।

मेरी या सलाह है कि अगर आपको अपने स्वास्थ्य का ध्यान है तो फास्ट फ़ूड साल में १-२ बार तो ठीक है, उस है उस से ज्यादा नहीं। मुझे पता है कि हिन्दुस्तानी रसोई में खाना बनाना कितना मुश्किल है पर फास्ट फ़ूड में पैसा बर्बाद करने से अच्छा तो नया रसोई बनाओ। हिंदुस्तान में लोगों को यह ग़लत विचार है की अमेरिका तो सब लोग सिर्फ़ बना बनाया खाना खातें है। हाँ अगर आप इतने आलसी हैं की सिर्फ़ डिब्बा खोल के माइक्रोवेव में गरम करके खाना छाहते तो एसा कर सकते हो पर हम लोग तो साल में एक दो बार ही डिब्बे का खाना खाते हैं.

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