16 October 2008

ईसाईयों पर अत्याचार भारत में

शायद जब में १० साल का था तबसे में नास्तिक हूँ। इसलिए हिंदुयों से मुझे इतना प्यार या नफरत है जितनी किसी और धर्मं से। आजकल यहाँ पर हिंदुस्तान में हिंदू लोगों जे ईसाईयों पर जो अत्याचार किये हैं वो ठीक नहीं। गलती दोनों की है की झगडा इतना बढ़ गया पर ये बात पक्की है कि हिंदू लोगो को ये पसंद नहीं कि इसाई लोग हिंदुयों का धर्म परिवर्तन करते है, अक्सर पैसा या कोई और लालच देकर।

यहाँ पर हर इसैघर में हर इतवार को पैसा इकठ्ठा किया जाता है जो फिर गरीब देशों में भेजा जाता ताकि और धर्म के लोगों को इसाई बना दे। यह धर्म ही एसा है। जो बदलने में सफल होता है, समझा जाता है, कि स्वर्ग के रास्ते अंपने आप खुल जाते हैं। कई धर्म परिवर्तन के नेता लोग टीवी पर बोलते हैं कि भारत के लोगों तो अंधकार से रौशनी दिखाने का कम उनका है।

पर हिंदू लोग क्यों धर्मं बदलते हैं?

ज्यादातर लोगो इतने गरीब हैं कि जब उनको कों पैसा या इज्जत दिखाता है तो एइसा लगता है कि उनकी साड़ी समस्या सावधान हो जायेंगी। आखं हमारे जैसे ब्राह्मणों ने उनके ऊपर हजारों साल अत्याचार किये हैं। मुझे अभी अभी भी याद है कि अगर किसी अछूत ने हम बच्चों को छूया तो मेरी मम्मी पानी के तिनके डाल के कुछ मंत्र पढ़ती थीं।

मेरी आप लोगो से विनती है कि सब हिंदुयों को बराबर आदर करें। अगर एकिक ब्रह्मण और चमार या भंगी में कोई फरक नहीं तो फिर ये क्यों दूसरा धरम पक्धेंगे। और अगर हम लोग एइसा नही करने को तैयार हैं तो हर हिंदू को ये अधिकार है कि वो किसी बे धर्म के हो जाएँ और फिर उनके ऊपर हिंदू धर्म के रिवाज़ नहीं चलेंगे।

और ये काम आप जैसे पढ़े लिखे लोग नहीं करेंगे तो अनपढ़ लोग किसे करेंगे?

3 comments:

Dr. Amar Jyoti said...

ईसाइयों पर अत्याचार हिंदू लोग नहीं 'हिंदुत्ववादी' लोग कर रहे हैं।

संजय बेंगाणी said...

जैसे आतंकवादियों का कोई धर्म नहीं होता वैसे ही अत्याचारियों का धर्म नहीं होता, अतः हिन्दुओं का अत्याचार न कहे. ये भटके हुए लोग है, गरीब है, बेरोजगार है और विद्रोह कर रहें है.

dhiru singh said...

mera manna hai isai jyada katter hai musalmano se .