जैसे जैसे हिन्दुस्तानी लोग विदेशो में रहने लगे हैं उसका मतलब है की शादी भी विदेशियों से करेंगे। आपकी सुचना के लिए, मेरी भी धरमपतनी भारतीय (हिंदुस्तान की खूबसूरत लड़कियों से हाथ जोड़ कर माफी) नहीं। इस खूबसूरत महिला को देख कर कल आश्चर्य भी हुआ और खुशी। जहाँ तक मुझे याद है हिंदुस्तान में सफ़ेद रंग सिर्फ़ विधवाएं ही पेहेंती हैं। मेरी माताजी ने लगबघ सारी जिंदगी सफ़ेद कपडों में बिता दी। लेकिन यहाँ अमेरिका में शादी के समय पर सफ़ेद पेहेन ने का नियम है। सबसे अच्छी बात तो ये की इन्होने साडी पहनी। रंग कोई भी हो।
24 October 2009
सफ़ेद शादी की साडी
जैसे जैसे हिन्दुस्तानी लोग विदेशो में रहने लगे हैं उसका मतलब है की शादी भी विदेशियों से करेंगे। आपकी सुचना के लिए, मेरी भी धरमपतनी भारतीय (हिंदुस्तान की खूबसूरत लड़कियों से हाथ जोड़ कर माफी) नहीं। इस खूबसूरत महिला को देख कर कल आश्चर्य भी हुआ और खुशी। जहाँ तक मुझे याद है हिंदुस्तान में सफ़ेद रंग सिर्फ़ विधवाएं ही पेहेंती हैं। मेरी माताजी ने लगबघ सारी जिंदगी सफ़ेद कपडों में बिता दी। लेकिन यहाँ अमेरिका में शादी के समय पर सफ़ेद पेहेन ने का नियम है। सबसे अच्छी बात तो ये की इन्होने साडी पहनी। रंग कोई भी हो।
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22 October 2009
मेरी ब्रेस्ट बहुत छोटी है
अनामिका ने लिखा, "मेरी ब्रेस्ट इतनी छोटी है की मुझे अच्छा नहीं लगता। शायद लड़के भी मुझे इसी लिए लिफ्ट नही देते। में क्या करूँ?"
ब्रेस्ट कितनी छोटी है? आपका वजन कितना है. अक्सर वजन कम होता है तो ब्रेस्ट भी छोटी होती है. इसलिए अगर आप बहुत पतली हैं तो थोडा वजन बढाने से ब्रेस्ट का साइज़ भी बढा हो जायेगा.
लेकिन अगर आपका वजन बिलकुल ठीक है तो ब्रेस्ट बढा करने का एक ही इलाज है: प्लास्टिक सर्जरी. और हाँ अपने टाइम और पैसा क्रीम या तेल या दवाओं पर मत खर्च करो. कुछ भी नहीं फायदा.
ब्रेस्ट कितनी छोटी है? आपका वजन कितना है. अक्सर वजन कम होता है तो ब्रेस्ट भी छोटी होती है. इसलिए अगर आप बहुत पतली हैं तो थोडा वजन बढाने से ब्रेस्ट का साइज़ भी बढा हो जायेगा.
लेकिन अगर आपका वजन बिलकुल ठीक है तो ब्रेस्ट बढा करने का एक ही इलाज है: प्लास्टिक सर्जरी. और हाँ अपने टाइम और पैसा क्रीम या तेल या दवाओं पर मत खर्च करो. कुछ भी नहीं फायदा.
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07 November 2008
हिंदुस्तान में बराक ओबामा के चुनाव के ऊपर खुशी
मुझे ऐसा लगा की भारत में अमेरिका के राष्ट्रपति चुनाव में कोई रूचि नहीं थी। हो सकता है सबने सोचा हो की बराक ओबामा का जितना मुश्किल है। लेकिन क्योंकि एक अफ्रीकन अमेरिकन राष्ट्रपति बन गए तो ये तस्वीर देख कर अच्छा लगा की कम से कम बच्चे तो खुश हैं।मजे की बात तो यह है की हिंदुस्तान में राष्ट्रपति औरत, मुस्लमान और अछूत बहुत पहले से बन गए और आजकल इतने सारे अछूत लोग बढ़ी बढ़ी गद्दियों पर बेठें हैं पर आम अछूत की ज़िन्दगी अभी भी नही बदली। मेरा विश्वास है कि जरूर नई पीढी के लोग इसमें परिवर्तन लायेंगे।
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01 November 2008
योग अमेरिका में
मेरे नानाजी आयुर्वेद के वैद्य थे, और धार्मिक भी; आख़िर हम लोग द्विवेदी हैंना। इसलिए योग में हमेशा रूचि थी। लेकिन जबसे अमेरिका आया तो अब सिर्फ़ में रोज सुबह दोधता हूँ treadmill पर। लेकिन अमेरिकन श्रीमतीजी को योग से बहुत प्यार है और अक्षर आसन बिछा के कसरत करती हैं।हिंदुस्तान में तो योग ख़तम ही हो गया लगता है लेकिन अमेरिका के डिजाइनर दोन्ना कारन अब न्यू यार्क के बेथ इस्राइल हॉस्पिटल में एक योग केन्द्र खोल रहीं हैं। कोशिस ये है की कुछ बीमारिया दवाओं से नहीं पर योग और मश्तिस्क को परिवर्तन करने से दूर की जा सकती हैं.
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29 October 2008
मेने दीपावली कैसे माने और क्या खाया पिया
कल दिवाली मनाई। क्योंकि अमेरिका में दिवाली के दिन छुट्टी नहीं होती तो इसलिए थोड़ा मुश्किल तो होता है लेकिन श्रीमतीजी ने कहा की मानतें हैं। सुबह सुबह अपने परिवार वालों से टेलीफोन पर बात की। शोर तो इतना था की बात ज्यादा नही हुई तब भी अच्छा लगा। शोचा की आप लोगों को फोटो दिखाऊँ।
सबसे पहले दिनिंग टेबल की सजावट। थोडी मोम बत्ती भी जलाई टेबल के बीच में। और हिंदुस्तान में ख़रीदा दुपट्टा टेबल को सजाने के लिए इस्तेमाल किया।
अब देखो क्या पकाया और खाया। स्काल्लोप्स से कर्री बने और उसको अवोकेडो के साथ खाया। पता नहीं हिंदुस्तान में लोग कैसे स्काल्लोप्स पकातें हैं लेकिन कर्री मसाला बनके उसको स्काल्लोप्स से मिलाया। और हाँ अवोकेडो तो हम लोगों को पसंद है।
फ़िर बनाया अविअल। साउथ इंडियन डिश है।
जैसा देखोगे Charles Shaw red wine के साथ खाया। आख़िर में मैंने गाजर का हलवा बनाया जैसे की मेरी नानी बनती थीं। यहाँ की गाजर उतनी मीठी नही होती लेकिन कोन्देंसेद मिल्क से मीठी हो गई। फिर मुनक्के और बादाम दाल के स्वादिष्ट हो गया। और हाँ श्रीमतीजी ने उसको दिल की तरह काटा।
सबसे पहले दिनिंग टेबल की सजावट। थोडी मोम बत्ती भी जलाई टेबल के बीच में। और हिंदुस्तान में ख़रीदा दुपट्टा टेबल को सजाने के लिए इस्तेमाल किया।
अब देखो क्या पकाया और खाया। स्काल्लोप्स से कर्री बने और उसको अवोकेडो के साथ खाया। पता नहीं हिंदुस्तान में लोग कैसे स्काल्लोप्स पकातें हैं लेकिन कर्री मसाला बनके उसको स्काल्लोप्स से मिलाया। और हाँ अवोकेडो तो हम लोगों को पसंद है।
फ़िर बनाया अविअल। साउथ इंडियन डिश है।
जैसा देखोगे Charles Shaw red wine के साथ खाया। आख़िर में मैंने गाजर का हलवा बनाया जैसे की मेरी नानी बनती थीं। यहाँ की गाजर उतनी मीठी नही होती लेकिन कोन्देंसेद मिल्क से मीठी हो गई। फिर मुनक्के और बादाम दाल के स्वादिष्ट हो गया। और हाँ श्रीमतीजी ने उसको दिल की तरह काटा।
दिवाली अमेरिका में
सबसे पहले आप सबको दिवाली की शुभकामनायें। लेकिन सबसे बढ़ा आश्चर्य जब हुआ जब मेने देखा की अमेरिका में भी Yahoo के होम पेज पर दिवाली की बधाई थी। आजकल एईसी टेक्नोलॉजी है की वेबसाइट वालों को पता होता है की आप किस देश से आयें हैं लेकिन में अमेरिका में भी देखा की एक दीपक जलाके उन्होंने हम लोगों को बधाई दी। ये तब की अमेरिका में सिर्फ़ १% जनसँख्या हिंदुस्तान से है।
25 October 2008
ओबामा या मकेन
आजकल अमेरिका में चुनाव की वजह से बढ़ी रौनक है क्योंकि शायद अमेरिका में पहली बार एक अफ्रीकन अमेरिकन राष्ट्रपति बनेगा। करीब ४० वर्ष अफ्रीकन अमेरिकन लोग बस में सफ़ेद लोगों के साथ नही जा सकते थे और हिन्दुस्तानी अछूतों की तरह कोई तरक्की नहीं कर सकते थे। इसलिए राष्ट्रपति बन जन बहुत बढ़ी बात है।तो मैंने सोचा की हिंदुस्तान में कुछ तो लोग सोच रहें होंगे अमेरिका के बारे में पर गालुप की रिसर्च से पता लग रहा है की भारत में तो किसी को कोई परवाह ही नहीं जबकि आजकल हिंदुस्तान इतना व्यापर अमेरिका के साथ करता है और जब अमेरिका और हिंदुस्तान ने अभी नुक्लेअर त्रेअटी दस्तखत की तो लोग बढे खुश थे।
इतनी कम रूचि क्यों? एसा लगता है की टेलिविज़न पर कोई ख़बर ही नहीं। एउरोपे, जापान और कोरिया में सब लोग ओबामा को चाहते हैं। में भी.
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